बूंदी (संवाददाता शिव कुमार) तालेड़ा थाना क्षेत्र के बरूंधन मे लगातार हो रही 5 दिन से झमाझम बारिश गरडदा की पहाड़ियों से निकल रही घोड़ा पछाड़ नदी 60 किलोमीटर बहती हुई निकल जाती है बरूंधन बस्ती में घुसा पानी । बुजुर्गों का मानना है कि 2001 में बाढ़ जैसे हालात बने थे उसके बाद 20 वर्ष के बाद नदी पार बरूंधन में घरों में पानी घुसने से कई मकान ढह गये प्राथमिक विद्यालय व स्वास्थ्य केंद्र में पानी घुसने से ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ा यही नहीं पुलिया नहीं होने से जान जोखिम में डालकर बाढ़ में रोजमर्रा की वस्तु लाने के लिए 5 किलोमीटर अतिरिक्त घूम कर बरुधन के बाशिंदे डेढ़ महीने तक पुलिया के लिए आंदोलन कर चुके हैं लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है बाढ़ आने से कई गांवों का संपर्क टूट गया और कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाए सुरेश कुमार बैरवा ने बताया की छात्र-छात्राओं का भविष्य दरकिनार कर सरकार द्वारा अनसुनी की जा रही है बाढ़ से नाथी बाई , मुकेश कुमार बेरवा, विष्णु बेरवा गोविंद ढोली, अजय कुमार बेरवा, रमेशचंद बेरवा का बाढ़ से मकान ढह गया सरपंच पति पुरुषोत्तम शर्मा ने ग्रामीणों को सुझाव देते हुए बाढ़ जैसे हालात होने से ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए प्रेरित किया यही नहीं ग्रामीणों को सुझाव दिया कि पानी का भाव कम नहीं हो जाता जब तक नावनहीं चलाई जाय